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अनेक शब्दों में एक शब्द



                अनेक शब्द ————————— एक शब्द

जो इतिहास से पहले का हो ———————- प्रागैतिहासिक

जिसकी खर्दन सुन्दर हो ————————- सुग्रीव

जो किये हुए उपकार को नहीं मानता हो ——– कृतघ्न

जो किये हुए उपकार को मानता हो ————- कृतज्ञ

जो अण्डे से जनमता है ————————– अण्डज

जो बायें हाथ से हथियार चलाने में सधा हो —— सव्यसाच

जो विलम्ब से काम करे या टालता रहे ———– दीर्घसूत्री

जो कठिनाई से पचता हो ———————— कुपाच्य

जो आसानी से पचता हो ————————- सुपाच्य

जिसके नख सूप के समान हो ——————- शूर्पणखा

जिसके सिर पर चंद्रमा हो ———————– चन्द्रशेखर

जिसके दस आनन हो ————————— दशानन

जिसका जन्म निम्न जाति में हुआ हो ————- अन्त्यज

सदा घूमते रहने वाला  ————————— घूमन्तु

मनन करने योग्य ——————————– माननीय

भोजन करने की इच्छा  ————————– बुभूक्षा

जिसे सरलता से पढ़ा जा सके ——————– सुपाठ्य

जिसे पढ़ा न जा सके —————————– अपाठ्य

जिस स्त्री का पति मर गया हो ——————– विधवा

जिस पुरुष की पत्नी मर गयी हो —————— विधुर

लाभ की इच्छा ———————————— लिप्सा

आदि से अंत तक ——————————— आद्योपान्त

पीछे जन्म लेने वाला —————————— अनुज

जल से जन्म लेने वाला  ————————— जलज

जिसका निवारण नहीं किया जा सके ———— दुर्निवार

जिसकी उपमा न हो —————————– अनुपम

अरचित बात के लिए आग्रह ———————- दुराग्रह

जो सब कुछ जानता हो ————————— सर्वज्ञ

जो कम जानता हो  ——————————- अल्पत

जो धरती फोड़कर जनमता हो ——————- उद्भिज

जो पहले हो चुका हो —————————— भूतपूर्व

जो पहले सुना गया हो —————————– श्रुतपूर्व

जो पहले कभी नहीं सुना गया हो —————— अश्रुतपूर्व

जो कल्पना से परे हो ——————————- कल्पनातीत

जो आशा से परे हो ——————————— आशातीत

दोपहर के बाद का समय ————————— अपराह्न

दोपहर के पहले का समय ————————– पूर्वाह्न

पंक से जन्म लेने वाला —————————— पंकज

जो तोड़ा न जा सके ——————————– अभेद्य

समुद्र की आग ————————————- बड़वानल

पेट की आग —————————————- जठराग्नि

जंगल की आग ————————————- दावानल

जिसके हाथ में चक्र हो —————————– चक्रपाणि

जिसकी चार भुजाएँ हों —————————- चतुर्भुज

जिसके आने की तिथि निश्चित न हो —————- अतिथि

जिसके समान कोई दूसरा न हो  ——————- अद्वितीय

जिसके आर-पार देखा जा सके  ——————– पारदर्शक

पीने की इच्छा   ————————————– पिपासा

पीने को इच्छुक   ———————————— पिपासु

शयन करने की इच्छा ——————————- सुषुप्सा

जो दूसरे की हत्या करता है ————————– हत्यारा

वह स्त्री जिसे पति ने त्याग दिया है —————— परित्यक्ता

दो बार जन्म लेने वाला —————————— द्विज

दो बार पीने वाला ———————————– द्विप

जिसका कोई शत्रु नहीं जन्मा हो  ——————- अजातशत्रु

जिसका पति जीवित हो —————————– सधवा

मल से जन्म लेने वाला –—————————– मलज

पिण्ड से पैदा होने वाला —————————- पिण्डज

पहले जन्म लेने वाला ——————————- अग्रज

आकाश में विचरण करने वाला ——————— खेचर, नभचर

निशा में विचरण करने वाला ———————– निशाचर

आकाश को चूमने वाला  ————————— गगनचुम्बी

सिर से पैर तक ————————————- आपादमस्तक

खाने योग्य, पीने योग्य —————————– खाद्य, पेय

सुनने योग्य, गाने योग्य —————————– श्रव्य, गेय

अनुकरण योग्य ————————————- अनुकरणीय

जो पुरुष लोहे के समान बलिष्ठ हो —————— लौह-पुरुष

जिस स्त्री को कोई संतान न होती हो ————— बन्ध्या

जीतने की इच्छा ———————————— जिगीषा

जो मोक्ष चाहता है ———————————- मुमुक्षु

दुःख देने वाला ————————————– दुखदायी, दु:खद

सुख देने वाला ————————————– सुखदायी, सुखद

कम बोलने वाला ———————————– मितभाषी

शत्रु को मारने वाला ——————————– शत्रुध्न

कविता करने वाली स्त्री —————————- कवयित्री

कविता करने वाला पुरुष ————————— कवि

नाचने वाला पुरुष ———————————- नर्तक

नाचने वाली स्त्री ———————————– नर्तकी

अभिनय करने वाला व्यक्ति ———————– अभिनेता

गाना गाने वाली स्त्री ——————————- गायिका

गाना गाने वाला पुरुष —————————— गायक

उपन्यास लिखने वाला —————————– उपन्यासकार

कहानी लिखने वाला ——————————- कहानीकार

नाटक लिखने वाला ——————————– नाटककार

शीघ्र कविता करने वाला ————————— आशुकवि

मरने तक ——————————————- आमरण

संकटकालीन स्थिति  —————————— आपात्काल

अधिक वर्षा —————————————- अतिवृष्टि

कम वर्षा ——————————————- अनावृष्टि

चार वेदों को जानने वाला ————————– चतुर्वेदी

महल के भीतर का भाग ————————— अंत:पुर

जहाँ नाटक खेला जाता है ————————- रंगमंच

रघु की संतान ————————————– रघुवंशी

कुन्ती का पुत्र ————————————– कौन्तेय

राधा का पुत्र ————————————— राधेय

विदेह की पुत्री ————————————- वैदेही

जनक की पुत्री ————————————- जानकी

पत्नी का भाई ————————————– साला

माँ का भाई —————————————- मामा

विश्वास के योग्य ———————————–विश्वसनीय

पूजा के योग्य————————————– पूजनीय

विष्णु का उपासक ———————————वैष्णव

शिव का उपासक ———————————- शैव

शक्ति का उपासक ——————————— शाक्त

जो दिन में एक बार भोजन करता है ————— एकाहारी

जिसकी बाँहें अधिक लम्बी हो ———————प्रलंबबाहु

जिसके हृदय में दया नहीं है ———————— निर्दया

जो सब में व्याप्त हो ——————————– सर्वव्यापी

जिसका कोई आकार न हो ———————— निराकार

इन्द्रियों को जीतने वाला ————————— इन्द्रियजीत

जिसका वर्णन नहीं किया जा सके  —————- वर्णनातीत

जो मांस-मछली नहीं खाता हो ——————– निरामिष

जो मांस-मछली खाता हो  ————————- सामिष

बिना अंकुश के ———————————— निरंकुश

जो व्याकरण जानता है —————————- वैयाकरण

पथ दिखलाने वाला ——————————– पथ-प्रदर्शक







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