Success Khan Logo

कथन एवं तर्क Reasoning

इस अध्याय के अन्तर्गत पूछे जाने वाले प्रश्नों के दो भाग होते हैं, कथन और तर्क। सर्वप्रथम प्रश्न में एक कथन दिया रहता है, इसके बाद तर्क दिए जाते हैं जो कि दो या तीन होते हैं। ये तर्क सकारात्मक या नकारात्मक दोनों प्रकार के होते हैं।

आपको प्रश्न में दिए गए कथन और तर्कों पर विचार करते हुए यह निर्णय करना होता है कि दिए गए कथन के पक्ष या विपक्ष में दिए गए तर्कों में से कौन-सा तर्क प्रबल (ठोस) है।

इन प्रश्नों का उद्देश्य अभ्यर्थियों के तर्क-वितर्क की क्षमता का जाँच करना है। प्रश्नों के माध्यम से यह तय किया जाता है कि कौन-सा तर्क प्रबल (ठोस) है तथा कौन-सा निर्बल। प्रबल तर्क सीधे कथन से सम्बन्धित होते हैं तथा स्पष्टता, वास्तविकता से पूर्ण तथा सटीक होते हैं, जबकि निर्बल तर्क सीधे कथन से सम्बन्धित नहीं होते हैं तथा अस्पष्टता, काल्पनिकतापूर्ण तथा विस्तारित होते हैं।



इस अध्याय से सम्बन्धित प्रश्नों को हल करने से पूर्व नीचे दिए गए प्रमुख तथ्यों पर ध्यान रखना आवश्यक है

(i) यदि दिया गया तर्क स्पष्ट रूप से कथन से सम्बन्धित हो, तो वह प्रबल तर्क होगा।

(ii) यदि दिया गया तर्क सलाह अथवा निदान से सम्बन्धित हो तथा वह कथन से सीधा सम्बन्ध रखता हो, तो वह प्रबल तर्क होगा।

(iii) प्रबल तर्क प्रश्नसूचक नहीं होते हैं।

(iv) प्रबल तर्क वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित व स्पष्ट अर्थ वाले होते हैं जबकि निर्बल तर्क तथ्यविहीन व अस्पष्ट अर्थ वाले होते हैं।

(v) प्रबल तर्क सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, कानूनी एवं अन्य विचारों के अनुरूप होते हैं।

(vi) देश के हित में दिया गया या जनहित में दिया गया तर्क हमेशा प्रबल होता है।

(vii) प्रबल तर्क कभी भी तुलनात्मक नहीं होते हैं तथा ऐसे तर्क में प्रश्न की पुनरावृत्ति नहीं होती है।

(viii) ऐसे तर्क जिनमें एकमात्र, केवल, सिर्फ आदि शब्द का प्रयोग हुआ हो, प्राय: निर्बल तर्क होते हैं।

(ix) वह तर्क जो किसी व्यक्ति का मन्तव्य मात्र हो, चाहे वह व्यक्ति कितना ही महान अथवा श्रेष्ठ क्यों न हो, निर्बल तर्क होते हैं।

(x) यदि दिया गया तर्क किसी दूसरे की नकल है, तो वह कभी भी मान्य नहीं होगा।

(xi) निर्बल तर्क तुलनात्मक, द्विअर्थी, अस्पष्ट व कल्पना पर आधारित होते हैं।

उदाहरण : महत्वपूर्ण प्रश्नों के बारे में निर्णय करते समय ठोस और कमजोर तर्क में प्रभेद कर सकना वांछनीय होता है। ठोस तर्क महत्वपूर्ण और प्रश्न से सीधे सम्बन्धित होते हैं। कमजोर तर्क कम महत्वपूर्ण होते हैं और प्रश्न से सीधे सम्बन्धित नहीं भी हो सकते हैं या फिर प्रश्न के किसी नगण्य पहलू से सम्बन्धित हो सकते हैं। नीचे दिए गए प्रश्न के बाद दो तर्क I और II दिए गए हैं। आपको यह तय करना है कि कौन-सा तर्क ठोस है और कौन-सा कमजोर।

उत्तर दीजिए
(a) यदि केवल तर्क I ठोस है
(b) यदि केवल तर्क II ठोस है
(C) यदि न तो तर्क I और न ही तर्क II ठोस है
(d) यदि तर्क I और तर्क II दोनों ठोस हैं
कथन : क्या घाटा देने वाली सरकारी एयरलाइनों का विलय करके उन्हें एक ईकाई बना देना चाहिए ?
तर्क :

I. हाँ, विलय से उनके संसाधन इकट्ठे हो जाएँगे और उनकी सेवाएँ बढ़ सकेंगी और वे निजी और विदेशी एयरलाइनों के सामने अधिक प्रतिस्पद्धीं हो सकेगी।
II नहीं, विलय से नौकरियाँ जाएँगी।

हल : (a) हाँ, घाटा देने वाली सरकारी एयरलाइनों का विलय करके उन्हें एक इकाई बना देना चाहिए। क्योंकि विलय से उनके संसाधन इकट्ठे हो जाएँगे और उनकी सेवाएँ बढ़ सकेंगी और वे निजी और विदेशी एयरलाइनों के सामने प्रतिस्पद्धीं हो सकेंगी। अत: केवल तर्क I ठोस है जबकि तर्क II का कोई ठोस मतलब नहीं है।







Explore