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जलमंडल General Knowledge

▬ सम्पूर्ण पृथ्वी का 3/4 भाग (लगभग 71%) पर जलमंडल का विस्तार है। पृथ्वी पर उपस्थित जल की कुल मात्रा का जल महासागरों में है, जो खारा है। जल राशिका मात्र 2.5% भाग ही स्वच्छ जल या मीठा जल है।

▬ महासागरीय जल के दो महत्त्वपूर्ण गुण हैं – तापमान एवं लवणता।

▬ जलमंडल (Hydrosphere) का वह बड़ा भाग जिसकी कोई निश्चित सीमा न हो – महासागर कहलाता है। सबसे बड़ा महासागर प्रशांत महासागर है।

समुद्र: जलमंडल का वह बड़ा भाग, जो तीन तरफ जल से घिरा हो और एक तरफ महासागर से मिला हो समुद्र कहलाता है।



खाड़ी (Gulf): समुद्र का स्थलीय भाग में प्रवेश कर जाने पर जो जल का क्षेत्र बनता है, उसे खाडी कहते हैं।

Bay: इसका दो किनारा स्थल से घिरा होता है, एक तरफ टापुओं का समूह होता है और दूसरी तरफ का मुहाना समुद्र से मिला होता है।

▬ सामान्यतः महासागरीय जल का तापमान लगभग 5°C से 33°C के बीच राता है।

▬ आकार में अन्तर के कारण अटलांटिक महासागर में वार्षिक तापांतर प्रशांत महासागर की अपेक्षा अधिक होता है।

▬ उत्तरी गोलार्द्ध में दक्षिण गोलार्द्ध की तुलना में तापान्तर अधिक होता है।

▬ लवणता को प्रति हजार में व्यक्त करते हैं, समुद्री जल की औसत लवणता लगभग 35 प्रति हजार होती है।

▬ समान खारेपन वाले स्थानों को मिलाकर खींची गयी रेखा को समलवण रेखा (Isohaline) कहते हैं।

▬ 20° – 40° उत्तरी अक्षांश और 10°- 30° दक्षिण अंक्षाशों के मध्य सबसे अधिक लवणता पायी जाती है।

▬ तुर्की की वान झील की लवणता सबसे अधिक (330%%) है।

▬ गाई ऑट-सपाट शीर्ष वाले समुद्री पर्वतों को गाई आट कहते हैं।

▬ प्रशांत महासागर में गुआम द्वीप के समीप स्थित मेरियाना गर्त सबसे गहरा गर्त है। इसकी गहराई लगभग 11 किमी (11033 मी०) है। इसे चैलेंजर गर्त भी कहते हैं।

कुछ महत्त्वपूर्ण गर्त

S.No.

गर्त

गहराई (मी०)

स्थिति

1.

मेरियाना

11,033

प्रशान्त महासागर

2.

टोंगा

9,000

प्रशान्त महासागर

3.

मिडनाओ

10,500

प्रशान्त महासागर

4.

प्यूरिटो रिको

8,392

अटलांटिक महासागर (प० द्वीप समूह)

5.

रोमशे

7,254

दक्षिणी अटलांटिक महासागर

6.

सुण्डा

8,152

पूर्वी हिन्द महासागर (जावा द्वीप)

शोल: जलमग्न उत्थान का वह भाग जहाँ जल की गहराई छिछली होती है, शोल कहलाता है यह प्रवाल से बना नहीं होता है।

ग्रेट बैरियर रीफ: यह आस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड के समीप संसार की सबसे बड़ी प्रवाल-भित्ति है। यह प्रशान्त महासागर में है।

प्रशान्त महासागर: यह अपने संलग्न समद्रों के साथ धरातल का 1/3 भाग ढँकता है। इसका क्षेत्रफल 16,57,23,23,740 वर्ग किलोमीटर है। इसकी आकृति त्रिभुजाकार एवं क्षेत्रफल सम्पूर्ण स्थल के क्षेत्रफल से अधिक है। इसके शीर्ष बेरिंग जलडमरूमध्य पर तथा आधार अण्टाकटिका महाद्वीप पर है। भूमध्य रेखा पर इसकी लम्बाई 16000 किमी से भी अधिक है। इसके पश्चिम में एशिया तथा आस्ट्रेलिया महाद्वीप, पूरब में उत्तरी एवं दक्षिण अमेरिका तथा दक्षिण में अंटार्कटिका महाद्वीप है। प्रवाल-भित्तियाँ प्रशान्त महासागर की प्रमुख विशेषता है । इस विशाल महासागर में कुल मिलाकर 2000 से भी अधिक द्वीप है। प्रशान्त महासागर का अधिकांश तटवर्ती सागर पश्चिमी भाग में है। इनमें बेरिंग सागर, आखोटस्क सागर,जापान सागर, पीत सागर एवं पूर्वी चीन सागर आदि महत्वपूर्ण है। पूर्व की ओर केवल  कैलीफोर्निया की खाड़ी ही प्रसिद्ध है। इसके बेसिन की औसत गहराई 7,300 मीटर है।

अटलांटिक महासागर: यह सम्पूर्ण संसार का छठा भाग है। इसका क्षेत्रफल 8,29,63,800 वर्ग किमी है, जो प्रशांत महासागर के लगभग आधा है। इसकी आकृति अंग्रेजी के S-आकार से मिलती-जुलती है। इसके पश्चिम में दोनों अमेरिका तथा पूरब में यूरोप और अफ्रीका, दक्षिण में है अंटार्कटिका। उत्तर में ग्रीनलैंड, हडसन की खाड़ी, वाल्टिक सागर उत्तरी सागर मग्नतट पर स्थित है। इस महासागर का सबसे महत्वपूर्ण विशेषता मध्य अटलांटिक कटक (Mid-Atlantic Ridge) है। यह उत्तर में आइसलैंड से दक्षिण में बोवेट द्वीप (Bouvet Island) तक लगभग 14,000 किमी लम्बा तथा 4,000 ऊँचा है। यह एक जलमग्न कटक है, तो भी इसकी अनेक चोटियाँ जल से ऊपर छोटे-छोटे द्वीपों का रूप धारण कर गई है। अजोस (Azores) का पाइको दीप (Pico Island) तथा केप वर्दै द्वीप (Cape Verde Island) इसके प्रमुख उदाहरण है। सबसे तीखी चोटी भू-मध्य रेखा के निकट सेंट पॉल नामक द्वीप समूह की है। द० अटलांटिक महासागर में बरमूडा प्रवाल द्वीप एवं असेंसन, द्रिस्ता दी कान्हा, सेंट हेलना, गुआ तथा बोवेट दीप ज्वालामुखी द्वीप है। यह महासागर 55° उत्तरी अक्षांश के पास अधिक चौडा हो जाता है। जहाँ इसे टेलीग्राफिक पटार के नाम से पुकारा जाता है। भूमध्य रेखा के निकट रोमांश गम्भीर (Romanche Deep) इसे दो भागों में बाँटता है। उत्तरी भाग डोलफिन श्रेणी तथा दक्षिणी भाग का नाम चैलंजर कटक है। अटलांटिक महासागर के तटों के साथ बेफिन की खाड़ी, हडसन की खाड़ी, उत्तरी सागर, बाल्टिक सागर, मैक्सिको की खाड़ी, भूमध्य सागर तथा कैरीबियन सागर महत्वपूर्ण सागर हैं।

▬ हिन्द महासागर: इसके उत्तर में एशिया महाद्वीप, दक्षिण में अंटार्कटिका महाद्वीप, पूर्व में आस्ट्रेलिया महाद्वीप तथा पश्चिम में अफ्रीका महाद्वीप है। यह एक अर्ध महासागर है। इसका कुल क्षेत्रफल 7,34,25,500 वर्ग किमी है। यह एक तरफ प्रशांत महासागर और दूसरी तरफ अटलांटिक महासागर से मिला है। कर्क रेखा इस महासागर की उत्तरी सीमा है। इसमें भारत के दक्षिणी-पश्चिमी तट के समीप लक्षद्वीप तथा मालदीव प्रवाल-द्वीपों के उदाहरण हैं। मॉरीशस और रीयूनियन द्वीप ज्वालामुखी प्रक्रिया से उत्पन्न द्वीप हैं। इस महासागर का सबसे बड़ा द्वीप मेडागास्कर है। मेडागास्कर के पूर्व में मारीशस द्वीप है। इस महासागर में वास्तविक तटवर्ती सागर दो ही हैं। वे हैं-लाल सागर और फारस की खाड़ी। अरब सागर तथा बंगाल की खाड़ी की गणना भी सागरों में ही की जाती है, लेकिन ये हिन्द महासागर के उत्तरी विस्तार मात्र ही हैं। डियागोगार्सिया द्वीप इसी महासागर में है।







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